E20 Ethanol Fuel: क्या आपकी कार का माइलेज सच में कम हो गया है?

Lakhan Sharma25 June 20262 min read4 viewsCars
E20 Ethanol Fuel: क्या आपकी कार का माइलेज सच में कम हो गया है?

भारत में पेट्रोल के साथ इथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया (E20 फ्यूल) तेजी से आगे बढ़ रही है। सरकार और वाहन निर्माता कंपनियों का कहना है कि यह ईंधन पूरी तरह सुरक्षित है और पर्यावरण के लिए बेहतर है। हालांकि, देश भर में कई कार मालिकों ने शिकायत की है कि E20 पेट्रोल का इस्तेमाल करने के बाद उनकी गाड़ियों के माइलेज में गिरावट आई है।

वाहन मालिकों का कहना है कि E20 फ्यूल पर शिफ्ट होने के बाद उनकी गाड़ी चलाने का खर्च बढ़ गया है। सोशल मीडिया और ऑटोमोबाइल फोरम पर लोग अपने अनुभव साझा कर रहे हैं कि पेट्रोल पंप पर इस नए फ्यूल के आने के बाद उन्हें बार-बार पेट्रोल भरवाने की जरूरत पड़ रही है। कई लोगों का अनुभव है कि पहले के मुकाबले उनकी कार अब प्रति लीटर कम दूरी तय कर पा रही है।

इथेनॉल क्या है और यह कैसे काम करता है, इसे लेकर भी आम ग्राहकों में काफी दुविधा है। इथेनॉल एक तरह का अल्कोहल है जिसे गन्ने या अनाज से तैयार किया जाता है। सरकार का लक्ष्य पेट्रोल में इथेनॉल की मात्रा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक करना है, ताकि कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम हो सके। हालांकि, तकनीकी जानकारों का मानना है कि पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल की ऊर्जा क्षमता थोड़ी कम होती है, जिस कारण इंजन को एक ही दूरी तय करने के लिए अधिक ईंधन की खपत करनी पड़ सकती है।

वहीं, कार बनाने वाली कंपनियों का दावा है कि नई गाड़ियां E20 फ्यूल के हिसाब से ही डिजाइन की गई हैं। कंपनियों का कहना है कि अगर गाड़ी का इंजन E20 के अनुकूल है, तो माइलेज में बहुत ज्यादा फर्क नहीं पड़ना चाहिए। इसके बावजूद, सड़क पर चल रहे पुराने मॉडल्स और आम ग्राहकों की फीडबैक में माइलेज कम होने की बात प्रमुखता से सामने आ रही है।

इंडस्ट्री डेटा और ग्राहकों की शिकायतों से यह साफ है कि इस मुद्दे पर अभी और स्पष्टता की जरूरत है। फिलहाल, वाहन मालिक इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या उन्हें अपनी ड्राइविंग आदतों में बदलाव करना होगा या फिर आने वाले समय में तकनीक में कुछ और सुधार किए जाएंगे। सरकार और कंपनियों की तरफ से इस पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि ग्राहकों को हो रही परेशानी का सही समाधान मिल सके।

सस्ता गाड़ी के लिए 👉👉👉Join Channel
Share:

Comments

Leave a comment