E20 पेट्रोल पर छिड़ा विवाद क्या आपकी गाड़ी हो जाएगी खराब जानें क्या है पूरा सच

Lakhan Sharma11 August 20262 min read2 viewsnews
E20 पेट्रोल पर छिड़ा विवाद क्या आपकी गाड़ी हो जाएगी खराब जानें क्या है पूरा सच

देश में इन दिनों E20 पेट्रोल यानी 20 प्रतिशत इथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर खूब चर्चा हो रही है। आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार की इस पॉलिसी पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। केजरीवाल का दावा है कि सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) की एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि E20 पेट्रोल में क्लोराइड और नमी की मात्रा ज्यादा होने से गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंच सकता है। आरोप है कि सरकार ने इस रिपोर्ट को दबाने का दबाव बनाया था।

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केजरीवाल ने सोशल मीडिया के जरिए सरकार से पूछा है कि अगर विज्ञान और इंजीनियरिंग के आधार पर इस ईंधन को लेकर चिंताएं जताई गई हैं, तो फिर इसे पूरे देश में लागू करने की इतनी जल्दी क्यों है। उन्होंने मांग की है कि E20 से जुड़ी सभी रिसर्च रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कांग्रेस पार्टी ने भी इस नीति की जल्दबाजी में की गई शुरुआत पर सवाल उठाए हैं और इसे जल संसाधनों व खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा बताया है।

वहीं, दूसरी तरफ पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन सभी दावों को खारिज कर दिया है। मंत्रालय का कहना है कि तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा सप्लाई किया जा रहा E20 पेट्रोल पूरी तरह से सुरक्षित और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश भर में की गई जांच में ईंधन की क्वालिटी तय मानकों से काफी बेहतर पाई गई है।

सरकार के अनुसार, E20 पेट्रोल में क्लोराइड का स्तर 1 पीपीएम (ppm) या उससे भी कम है, जबकि 500 पीपीएम के दावे पूरी तरह गलत हैं। ईंधन में किसी भी तरह के प्रदूषण का कोई वैज्ञानिक सबूत नहीं मिला है। OMCs का कहना है कि इथेनॉल ब्लेंडिंग से देश ने विदेशी मुद्रा में 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत की है और इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। फिलहाल, आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर गुजरात, हरियाणा और तेलंगाना जैसे राज्यों में टाउन हॉल मीटिंग शुरू की है ताकि वाहन मालिकों से फीडबैक लिया जा सके।

Fuel Parameter Government Standards/Status
Chloride Content 1 ppm or less (Well within limits)
Fuel Quality Tested and certified as per safety norms
Economic Impact Saved over ₹1 Lakh Crore in foreign exchange
Status Seamlessly integrated nationwide
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