E20 पेट्रोल से घटी माइलेज और गाड़ियों में खराबी से परेशान हुए भारतीय वाहन मालिक

Lakhan Sharma30 June 20262 min read3 viewsCars
E20 पेट्रोल से घटी माइलेज और गाड़ियों में खराबी से परेशान हुए भारतीय वाहन मालिक

भारत सरकार ने पेट्रोल में इथेनॉल मिलाकर E20 पेट्रोल का चलन पूरे देश में 1 अप्रैल 2026 से शुरू कर दिया था। सरकार का मुख्य मकसद कच्चे तेल के आयात को कम करना, किसानों की मदद करना और प्रदूषण को घटाना है। हालांकि, इस फैसले के बाद से ही आम वाहन मालिकों के बीच चिंता बढ़ गई है। खास तौर पर 2023 से पुरानी कार रखने वाले लोग अब अपनी गाड़ियों में दिक्कतें महसूस कर रहे हैं।

कई वाहन मालिक शिकायत कर रहे हैं कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से उनकी कार के इंजन में कचरा जमा हो रहा है और पुर्जों में जंग लगने की समस्या भी सामने आ रही है। सबसे बड़ी परेशानी माइलेज को लेकर है, जहां लोग दावा कर रहे हैं कि गाड़ी की माइलेज में 10 फीसदी तक की गिरावट आई है। लोकल सर्कल्स की एक हालिया सर्वे रिपोर्ट में भी यह बात सामने आई है कि लगभग आधे वाहन मालिकों ने ईंधन की दक्षता कम होने और गाड़ी के रिपेयर पर खर्चा बढ़ने की बात कही है।

इस मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। एक्टिविस्ट तहसीन पूनावाला ने इस मुद्दे पर आवाज उठाई है और 5 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक रैली का आयोजन किया है। उनकी मांग है कि सरकार ग्राहकों को विकल्प दे और बाजार में शुद्ध यानी बिना इथेनॉल वाला पेट्रोल भी उपलब्ध कराए ताकि लोग अपनी जरूरत के हिसाब से ईंधन चुन सकें।

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दूसरी तरफ, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इन दावों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आलोचकों को चुनौती दी है कि वे E20 पेट्रोल से गाड़ी को नुकसान होने का ठोस सबूत पेश करें। मंत्री ने इस विषय पर खुली बहस का स्वागत किया है। सरकार का तर्क है कि इससे देश को करोड़ों रुपये की बचत हुई है, लेकिन सड़कों पर चल रहे आम आदमी के लिए यह नया ईंधन अभी भी किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं लग रहा है।

विवरण (Details) जानकारी (Information)
ईंधन का प्रकार E20 पेट्रोल (20% इथेनॉल मिश्रण)
लागू होने की तारीख 1 अप्रैल 2026
मुख्य शिकायतें माइलेज में 10% कमी, इंजन में जंग और क्लॉगिंग
प्रभावित वाहन मुख्यतः 2023 से पुराने मॉडल
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