भारतीय टू व्हीलर एक्सपोर्ट में मचेगा गदर साल 2027 तक होगी ताबड़तोड़ कमाई

Lakhan Sharma16 September 20262 min read7 viewsBike & Scotty
भारतीय टू व्हीलर एक्सपोर्ट में मचेगा गदर साल 2027 तक होगी ताबड़तोड़ कमाई

कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की एक नई रिपोर्ट सामने आई है जिसके मुताबिक भारत से टू व्हीलर का एक्सपोर्ट यानी निर्यात वित्त वर्ष 2027 तक काफी मजबूत रहने की उम्मीद है। जानकारों का कहना है कि लैटिन अमेरिका, अफ्रीका और एशिया के बाजारों से लगातार मिल रही जबरदस्त मांग की वजह से भारतीय दोपहिया वाहनों की विदेशों में धूम मची रहेगी।

कब तक रहेगी तेजी और आगे क्या होगा हाल

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि साल 2028 से एक्सपोर्ट की रफ्तार में थोड़ी सुस्ती देखने को मिल सकती है। इसकी बड़ी वजह यह होगी कि उस समय तक पुरानी पेंडिंग डिमांड खत्म हो चुकी होगी और पिछले साल का बेस बहुत बड़ा हो चुका होगा। इसके बावजूद इंडस्ट्री ने पिछले कुछ सालों में गजब की रिकवरी दिखाई है। वित्त वर्ष 2018 से 2027 के बीच एक्सपोर्ट रेवेन्यू में 9 प्रतिशत की सालाना सीएजीआर ग्रोथ दर्ज की गई है। वहीं अगर साल 2024 से 2027 की बात करें तो यह ग्रोथ तेजी से बढ़कर 18 प्रतिशत सीएजीआर पर पहुंच गई है। इसी दौरान एक्सपोर्ट वॉल्यूम में भी 21.5 प्रतिशत की शानदार सीएजीआर बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

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किन देशों में बिक रही हैं सबसे ज्यादा भारतीय बाइक्स

कोटक की इस रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका महाद्वीप के देशों खासकर कोलंबिया, पेरू और ब्राजील में भारतीय टू व्हीलर की मांग आसमान छू रही है। इसके अलावा अफ्रीकी बाजारों में भी हालात सुधरे हैं क्योंकि वहां करेंसी की उपलब्धता बेहतर हुई है। श्रीलंका का बाजार एक बार फिर खुल चुका है और नेपाल में भी मांग काफी बढ़ गई है। हालांकि अर्जेंटीना इस मामले में थोड़ा अपवाद रहा है जहां एक्सपोर्ट को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ा है।

कमाई का जरिया बन रही हैं मोटरसाइकिलें

लैटिन अमेरिका के देशों में अब मोटरसाइकिलों का इस्तेमाल सिर्फ घूमने के लिए नहीं बल्कि डिलीवरी, कूरियर और टैक्सी सर्विस जैसे कामों में कमाई का जरिया बनाने के लिए धड़ल्ले से हो रहा है। आने वाले समय में इस क्षेत्र में ग्रोथ थोड़ा धीमी होकर मिड-सिंगल डिजिट में आ सकती है क्योंकि कम ब्याज दरों और पुरानी गाड़ियों को बदलने के फायदों का असर अब कम होने लगा है। वहीं दूसरी ओर अफ्रीका में मांग हाई-सिंगल डिजिट सीएजीआर से बढ़ने की उम्मीद है। अफ्रीका में भविष्य की ग्रोथ वहां मिलने वाले फाइनेंस, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और लोकल स्तर पर गाड़ी जोड़ने पर निर्भर करेगी।

एशियाई बाजारों का हाल और आगे की तस्वीर

श्रीलंका, नेपाल और बांग्लादेश जैसे एशियाई बाजारों में सप्लाई बेहतर होने और रुकी हुई मांग के वापस लौटने से सुधार देखा गया है। हालांकि यह रीस्टॉकिंग वाली ग्रोथ तब धीमी हो जाएगी जब सारी पुरानी डिमांड पूरी हो जाएगी, लेकिन बांग्लादेश में स्थिति ज्यादा स्थिर बनी रह सकती है क्योंकि वहां टू व्हीलर का इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या अभी काफी कम है। कुल मिलाकर वित्त वर्ष 2027 तक एक्सपोर्ट मार्केट ऑटो इंडस्ट्री के लिए कमाई का सबसे बड़ा जरिया बना रहेगा और आने वाले समय में अफ्रीकी बाजार इस सेक्टर के लिए बेहद अहम होने वाले हैं।

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