Air India ki kamaan ab Tewolde Gebremariam ke haath mein milegi uchi udan

एअर इंडिया के कामकाज में अब एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सोमवार, 7 सितंबर को टेवोल्डे गेब्रेमारियम ने एअर इंडिया की ऑपरेशनल कमान संभाल ली है। हालांकि, अभी उन्हें आधिकारिक तौर पर चीफ एग्जीक्यूटिव और अकाउंटेबल मैनेजर का पद नहीं मिला है क्योंकि उनकी सिक्योरिटी क्लीयरेंस अभी बाकी है। उम्मीद है कि सितंबर के अंत तक यह प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
नए लीडर का अनुभव और चुनौतियांटेवोल्डे गेब्रेमारियम को एक अनुभवी ऑपरेटर माना जाता है। इससे पहले उन्होंने इथियोपियन एयरलाइंस ग्रुप में काम किया है, जहां उन्होंने एयरलाइन के बेड़े को तीन गुना और रेवेन्यू को चार गुना से ज्यादा बढ़ाया था। एअर इंडिया को उम्मीद है कि उनके नेटवर्क विस्तार और क्राइसिस मैनेजमेंट के अनुभव से कंपनी की इंजीनियरिंग क्वालिटी और सुरक्षा मानकों में सुधार आएगा।
आर्थिक मोर्चे पर भारी दबावएअर इंडिया इस समय वित्तीय चुनौतियों से जूझ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 26,000 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हुआ है। इस घाटे को पूरा करने के लिए कंपनी ने टाटा संस और सिंगापुर एयरलाइंस से करीब 10,000 करोड़ रुपये की नई इक्विटी मांगी है। टाटा संस ने परफॉर्मेंस माइलस्टोन के आधार पर फंडिंग को मंजूरी दी है, जबकि सिंगापुर एयरलाइंस इस मामले में फूंक-फूंक कर कदम रख रही है।
सुरक्षा और सर्विस पर रहेगा फोकसकंपनी के बोर्ड का मुख्य जोर इंजीनियरिंग और सुरक्षा पर है। टेवोल्डे गेब्रेमारियम से उम्मीद की जा रही है कि वे तकनीकी खामियों को जल्द से जल्द दूर करेंगे। वे कैंपबेल विल्सन की जगह ले रहे हैं, जिन्होंने टाटा ग्रुप के तहत एयरलाइन के निजीकरण के बाद विस्टारा के एकीकरण और बड़े एयरक्राफ्ट ऑर्डर जैसे काम पूरे किए थे। अब नए लीडर के सामने चुनौती यह है कि वे कंपनी के तेजी से हो रहे विस्तार के साथ-साथ सर्विस की क्वालिटी को भी बरकरार रखें।
| Index | Details |
|---|---|
| New Leader | Tewolde Gebremariam |
| Role | Operational Leadership |
| 2025-26 Loss | Over Rs 26,000 Crore |
| Fund Required | Approx Rs 10,000 Crore |