अमेरिका में गाड़ियां बनाने के लिए चीनी कंपनियों को हरी झंडी दे सकते हैं डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान बड़ा बयान दिया है। उन्होंने फॉक्स न्यूज के प्रोग्राम द इंगलहम एंगल में बातचीत करते हुए कहा कि अगर चीनी ऑटोमोबाइल कंपनियां अमेरिका में अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाती हैं और वहां स्थानीय अमेरिकी नागरिकों को नौकरियां देती हैं, तो उन्हें इस बात से कोई आपत्ति नहीं है। ट्रंप का मानना है कि यह बिल्कुल वैसा ही होगा जैसे जापानी कार कंपनियां अमेरिका में गाड़ियां बनाती हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे चीन में बनी गाड़ियों को अमेरिका में आयात करने के सख्त खिलाफ हैं और आयात पर रोक जारी रहेगी।
मेक्सिको के रास्ते अमेरिका आने वाली गाड़ियों पर सख्त नाराजगी
राष्ट्रपति ट्रंप ने चीनी कंपनियों द्वारा मेक्सिको में गाड़ियां तैयार करके उन्हें अमेरिका भेजने के प्लान पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर आयात के मौजूदा नियमों को हटा दिया गया, तो अमेरिकी ऑटो बाजार में चीनी गाड़ियों की बाढ़ आ जाएगी। ट्रंप के ये ताज़ा बयान इसी साल जनवरी में दिए गए बयानों से मिलते-जुलते हैं और यह वाशिंगटन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ होने वाली आगामी समिट से ठीक पहले सामने आए हैं।
अमेरिकी नेताओं और ऑटो इंडस्ट्री का कड़ा विरोध
भले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी जमीन पर चीनी कंपनियों के मैन्युफैक्चरिंग को लेकर नरमी दिखाई हो, लेकिन अमेरिकी संसद और ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के बीच इसका भारी विरोध हो रहा है। मिशिगन की सीनेटर एलिसा स्लोटकिन ने चीनी कंपनियों के साथ किसी भी तरह के समझौते को एक बड़ी रणनीतिक भूल बताया है। सीनेटर बर्नी मोरेनो के साथ मिलकर स्लोटकिन ने कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट भी पेश किया है, जिसका मकसद चीन से जुड़ी कार सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर तकनीक पर लगाम कसना है।
भारी-भरकम टैरिफ और सुरक्षा चिंताएं
मौजूदा समय में अमेरिका में चीनी पैसेंजर गाड़ियों पर कड़े प्रतिबंध लगे हुए हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत से ज्यादा का आयात शुल्क यानी टैरिफ लगाया गया है। इसके अलावा साल 2025 की शुरुआत में आए नियमों के तहत चीनी कंपनियों के अमेरिका में गाड़ियां बनाने और बेचने पर लगभग पूरी तरह रोक है। ऑटोमोटिव इनोवेशन अलायंस के सीईओ जॉन बोज़ेला ने चेतावनी दी है कि संवेदनशील कनेक्टेड तकनीक वाली सब्सिडी प्राप्त चीनी गाड़ियां अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं।